नवादा, फरवरी 15 -- हिसुआ। उदय कुमार सिन्हा नवादा जिले का हिसुआ क्षेत्र एक जानलेवा संकट से जूझ रहा है। यह संकट प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित है। विकास की चकाचौंध के बीच यहां की सड़कें मौत का गलियारा बन चुकी हैं। स्टेट हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक पर बिछे अवैध स्पीड ब्रेकरों का जाल अब तक दर्जनों घरों के चिराग बुझा चुका है। विडंबना देखिए कि जहां आधुनिक इंजीनियरिंग स्मूथ ड्राइविंग की बात करती है, वहीं हिसुआ की सड़कों पर यमराज कंक्रीट और बिजली के खंभों के रूप में विराजमान हैं। हिसुआ-नवादा पथ हो या हिसुआ-नरहट मार्ग, यहां सड़कों पर ब्रेकर किसी वैज्ञानिक शोध के बाद नहीं, बल्कि दबंगई और दबाव के आधार पर बनाए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और रसूखदारों के दबाव में सड़क निर्माण कंपनियां या खुद ग्रामीण रातों-रात सड़कों पर सीमेंट की दीवार खड़ी कर दे...
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