देहरादून, जनवरी 15 -- नेट ज़ीरो उत्सर्जन को एक लक्ष्य के रूप में नहीं, बल्कि विकास की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में अपनाना समय की आवश्यकता है। खासकर उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के संदर्भ में ये और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। जहां स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का विकास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका सृजन का मजबूत माध्यम बन सकता है। ये बात इंटरनेशनल सोलर एलायंस के पूर्व महानिदेशक उपेंद्र त्रिपाठी ने गुरुवार को ग्राफिक एरा विवि में नेट जीरो उत्सर्जन पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कही। उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि नेट ज़ीरो उत्सर्जन की दिशा में होने वाली प्रगति केवल नई तकनीकों के आविष्कार से नहीं, बल्कि मौजूदा तकनीकों के समन्वित और व्यावहारिक उपयोग से संभव है। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि आने वाले वर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.