नैनीताल, अक्टूबर 6 -- नैनीताल, संवाददाता। डीएसबी परिसर के भूविज्ञान विभाग और जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ बेंगलुरु की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में भूकंप की संवेदनशीलता पर जोर दिया गया। डॉ. विनीत कुमार गहलोत, डायरेक्टर, वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी ने बताया कि हिमालय क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। कहा कि पिछले 300-400 सालों में इन क्षेत्रों में कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है, पर संवेदनशीलता के चलते भूकंप आना तय है। उन्होंने भवन निर्माण में सुधार और भूकंप मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत जताई। भारतीय भूवैज्ञानिक सोसायटी के अध्यक्ष पद्मश्री हर्ष के गुप्ता ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप आना निश्चित है और इससे भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने 2005 के मुज...