नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- 'जाको राखे साईंया, मार सके न कोय' हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम को हुए दर्दनाक बस हादसे में यह कहावत सच साबित हुई है। जहां चलती बस पर पहाड़ दरकने से 15 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं मौत के इस भयावह मंजर में दो नन्हीं जिंदगियां ऐसी थीं जिन्हें भगवान ने जैसे अपनी हथेली पर बिठाकर बचा लिया। झंडूता उपमंडल के भल्लू पुल के समीप यह हादसा उस वक्त हुआ जब मरोतम-कलौल रूट पर चलने वाली प्राइवेट बस 'संतोषी' पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और पत्थरों की चपेट में आ गई।पीड़ितों की मदद के लिए पीएम का ऐलान पीएम मोदी ने हर मृतक के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ...
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