शिमला, फरवरी 17 -- हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत तीखे टकराव के साथ हुई। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और राज्य सरकार के बीच रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए। दुर्लभ घटनाक्रम के तहत राज्यपाल ने अपना अभिभाषण महज 2 मिनट 1 सेकंड में समाप्त कर दिया, जबकि सामान्यतः अभिभाषण सरकार की नीतियों और योजनाओं का विस्तृत खाका पेश करता है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा तैयार अभिभाषण के कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार और कुछ संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर टिप्पणी की गई थी। राज्यपाल ने इन अंशों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दस्तावेज के पृष्ठ 1 से 16 तक की सामग्री "संस्थागत ढांचे" के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि वे संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां नहीं पढ़ सकते। इसके बाद उन्होंने केवल शुरुआती ...