नई दिल्ली, अगस्त 25 -- हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिक असंतुलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने इससे जुड़े एक मामले में सोमवार को न्यायमित्र नियुक्त करने का फैसला किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को लेकर स्वतः संज्ञान वाले मामले की सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ ने 28 जुलाई को कहा था कि अगर स्थिति नहीं बदली, तो पूरा राज्य 'विलुप्त हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पीठ को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा 23 अगस्त को एक रिपोर्ट दाखिल की गई है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जुलाई में कहा था कि जलवायु पर...
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