शिमला, नवम्बर 21 -- हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों में देरी को लेकर सरकार, प्रशासन और राज्य चुनाव आयोग के बीच खींचतान तेज हो गई है। मामला अब राजभवन तक पहुंच चुका है। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने पंचायत चुनाव की स्थिति पर तैयार की गई रिपोर्ट राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को सीलबंद लिफाफे में सौंपी। इसके बाद राज्यपाल ने भी इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव समय पर करवाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव समय पर न हों तो अस्थिरता पैदा हो सकती है। साथ ही उन्होंने सरकार के मंत्रियों और जिलों के उपायुक्तों के परस्पर विरोधी बयानों पर भी प्रश्न उठाए और पूछा कि दोनों में से बड़ा कौन है? राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य चुनाव आयुक्त ने जो रिपोर्ट दी है, उसका अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार...