शिमला, जून 5 -- हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पर्ची के लिए 10 रुपये शुल्क वसूली के फैसले को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि यह निर्णय सरकार की ओर से थोपा नहीं गया है। उन्होंने कहा कि यह सुझाव खुद अस्पतालों की रोगी कल्याण समितियों से आया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला कैबिनेट की उप-समिति की सिफारिश पर लिया गया,लेकिन इसका अंतिम अधिकार संबंधित अस्पतालों की रोगी कल्याण समितियों को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई अनिवार्य निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हमने अस्पतालों को अटोनॉमस (स्वायत्त) कर दिया है। यदि कोई अस्पताल चाहता है कि वह अपनी सफाई व्यवस्था और रख-रखाव को बेहतर बनाए तो वह पर्ची शुल्क वसूल सकता है। अगर किसी अस्पताल के पास पहले से संसाधन उप...