समस्तीपुर, सितम्बर 14 -- पूसा। उमावि, दिघरा में शनिवार का हिन्दी साहित्य समागम का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली बच्चों ने शिक्षक के साथ मिलकर हिन्दी पाठ्य-पुस्तकों के रचानाकारो के रूप में अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान कई बच्चों ने रचनाकारो की वेश-भूषा में अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। मौके पर बच्चों ने गद्य व पद्य के करीब दो दर्जन रचनाओं की मुंह जवानी पाठ किया। कार्यक्रम का संयोजन कर रहे हिन्दी शिक्षक मुकेश कुमार मृदुल साहित्यिक संवाद और परिसंवादों के माध्यम से बच्चों को रचना और रचनाकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि आंनदमयी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हिन्दी साहित्य के शिक्षण का यह नवाचार है। इससे बच्चे अपने पाठ को उल्लासित होकर पढ़ने के साथ हिन्दी की विशालता और गौरवमयी महिमा के बारे में सहजता से जानकारी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.