दरभंगा, नवम्बर 28 -- दरभंगा, नगर संवाददाता। लनामिवि के पीजी हिन्दी विभाग की ओर से तमिलनाडु हिन्दी अकादमी के महासचिव व कवि ईश्वर करुण ने 'दक्षिण भारत का हिन्दी साहित्य' विषयक एकल व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ। श्री करुण ने तमिलनाडु के भूगोल में रचित हिन्दी साहित्य और अनूदित हिन्दी साहित्य की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य हमें मिलाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का राजनीति में पदार्पण है, जो हिन्दी विरोध से हुआ था। उसी मुख्यमंत्री ने बाद में कम्ब रामायण के संस्कृत अनुवाद का लोकार्पण किया था। साथ ही संत कवि त्रिवल्लुअर रचित 1320 त्रिपुरल (दोहों) का हिन्दी अनुवाद सरकारी खर्च पर करवाया। उन्होंने कहा कि राजनीति की विडंबना देखिए कि उस अनुदित पुस्तक ...
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