मधुबनी, दिसम्बर 2 -- मधुबनी। भावना कुमारी का भाव नृत्य कौन कहते हैं भगवान आते नहीं तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं, कौन कहते हैं भगवान खाते नहीं बैर सबरी के जैसे खिलाते नहीं ..पर खूब तालियां बटोरी। वहीं साक्षी मिश्रा ने ॐ नम: शिवाय... सुनाकर माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। पर्दे में रहने दो, पर्दा न उठाओ, पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा .. पर भीड़ को अपने साथ गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। गायिका निधि राज ने ए मेरे दिल के चैन, ओ मेरे दिल के चैन , चैन आए मेरे दिल को दुआ कीजिए.. और शराबी आंखें जो मैने देखी., खाए के पान बनारस वाला.. सहित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सौम्य मिश्रा ने लग जा गले कि फिर हंसी रात हो न हो, शायद फिर से जमी पे मुलाकात हो न हो. और रोम रोम तेरा नाम पुकारे.. सहित कई हिंदी और मैथिली गीतों की प्...