दुमका, फरवरी 16 -- दुमका, प्रतिनिधि। संताली के ओलचिकी से भी बैनर व तोरण द्वार पर डिस्प्ले लगाने सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनियों के विरुद्ध प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया। ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी के नाम पर हिजला मेला का आयोजन तो किया जा रहा है, लेकिन स्वंय आदिवासियों को ही दरकिनार कर दिया जा रहा है। हिजला गांव के साथ विभिन्य ग्रामीण स्तर के आदिवासी सामाजिक संगठनों ने मेला समिति को लिखित आवेदन देकर मांग किया था कि सभी बैनर,पोस्टर आदि हिंदी के साथ-साथ संताली ओलचिकी से भी हो, लेकिन मेला समिति ने इसमें कोई पहल नहीं किया। उल्टे इस वर्ष तोरण द्वार में ओलचिकी संताली डिस्प्ले को भी हटा दिया गया है,जबकि पिछले वर्ष को लगाया गया था। वर्ष 2024 में संताली से गेट के बैनर भी लगाये गये थे, लेकिन इस बार सब संताली बैन...