नई दिल्ली, अगस्त 8 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के एक बेटे को जमानत दे दी, जबकि दूसरे को आतंकी वित्तपोषण मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति शैलिंदर कौर की पीठ ने सलाहुद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि अदालत अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई बड़ी साजिश को नजरअंदाज नहीं कर सकती। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के लिए फंडिंग को हवाला चैनलों के इस्तेमाल के अभियोजन पक्ष के आरोपों पर विचार करते हुए पीठ ने कहा कि यूसुफ कथित तौर पर इस नेटवर्क का हिस्सा था। आरोपों की प्रकृति और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि अपीलकर्ता इस साजिश में शामिल था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन के ज्ञात...