नई दिल्ली, जनवरी 2 -- हिंदू विवाह में कई रस्में और संस्कार होते हैं, जिनका अपना विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व होता है। इनमें से विदाई की रस्म सबसे भावुक और महत्वपूर्ण है। विदाई के समय दुल्हन अपने सिर के ऊपर से दोनों हाथों में चावल लेकर पीछे की ओर फेंकती है। यह रस्म 5 बार दोहराई जाती है और इस दौरान दुल्हन को पीछे मुड़कर देखने की मनाही होती है। पीछे परिवार की महिलाएं कपड़ा फैलाकर चावल इकट्ठा करती हैं, ताकि वे जमीन पर ना गिरें। यह रस्म केवल परंपरा नहीं, बल्कि गहरे भाव और मान्यताओं से जुड़ी है। हिंदू धर्म में इसे धन-समृद्धि, आभार और बुरी नजर से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं इसका महत्व।चावल फेंकने की रस्म कैसे निभाई जाती है विदाई के समय दुल्हन को दोनों हाथों में चावल दिए जाते हैं। वह सिर के ऊपर से पीछे की ओर चावल ...
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