कटिहार, दिसम्बर 30 -- चन्दन कुमार कर्ण कटिहार, एक संवाददाता स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के नवंबर 2025 तक के ताज़ा आंकड़ों ने बिहार में संस्थागत प्रसव के दावों के बीच होम डिलीवरी की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। राज्यभर में कुल 24 लाख 45 हजार 821 गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण हुआ, लेकिन इनमें से 65 हजार 134 प्रसव घर पर ही हुए। यानी राज्य की औसत होम डिलीवरी दर 2.7 प्रतिशत रही, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली है। जिला स्तर पर आंकड़ों में भारी असमानता दिखी है। गया जिले में होम डिलीवरी की दर सबसे अधिक 12.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राज्य में शीर्ष पर है। इसके बाद लखीसराय 7.4 प्रतिशत और पश्चिम चंपारण 5.6 प्रतिशत के साथ उच्च दर वाले जिलों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जिलों में स्वास्थ्य सुविध...
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