नई दिल्ली, फरवरी 15 -- जब लोग कहते हैं कि मेहनत का फल देर से सही मिलता जरूर है। सौम्या मिश्रा उसकी जीती-जागती मिसाल हैं। कई असफलताओं, लगातार कोशिशों और नौकरी के साथ पढ़ाई का संतुलन बनाते हुए उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं। जी हां हम बात कर करें हैं देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में सफलता पाने की।छोटे शहर से बड़े सपनों तक का सफर उत्तर प्रदेश के उन्नाव से ताल्लुक रखने वाली सौम्या ने अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा तक का सफर दिल्ली में पूरा किया। उनके पिता राघवेंद्र मिश्रा हिंदी के प्रोफेसर हैं, जबकि माँ रेनू मिश्रा गृहिणी हैं। परिवार का माहौल पढ़ाई और अनुशासन से भरा था, और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सौम्या खुद मानती हैं कि अगर परिवार का भरोसा और समर्थन न होता, ...