औरंगाबाद, नवम्बर 27 -- खेतों में हार्वेस्टर चलाने के लिए अब संचालकों को कृषि विभाग से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के हार्वेस्टिंग नहीं की जा सकेगी। यह जानकारी डीएओ संदीप राज ने ई-किसान भवन, अंबा में कर्मियों को निर्देश देते हुए दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस बार पूरी तरह सख्त है। डीएओ ने रबी बीज वितरण और डीसीएस कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बीज वितरण में पूरी पारदर्शिता रखी जाए। हार्वेस्टर चलाने से पहले किसान की सहमति लेना अनिवार्य है। सहमति में यह घोषणा शामिल होगी कि किसान किसी भी परिस्थिति में पराली नहीं जलाएंगे। अगर किसान पराली जलाते हैं, तो उन्हें भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इस बार पटना से सैटेलाइट के आधार पर निरीक्षण होना है। अगर कि...