नई दिल्ली, सितम्बर 28 -- भारत में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शनिवार को कहा कि भारत इस समय हार्ट से जुड़ी हुई समस्याओं के टाइम बम का सामना कर रहा है। इसकी सबसे बड़ी बड़ी वजह बदलती लाइफ स्टाइल को बताया है। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं की वजह से होने वाली ज्यादातर मौतों को नियमित जांच, जल्दी इलाज और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर टाला जा सकता है। 29 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व हार्ट दिवस के पहले डॉक्टरों ने ऐसे मामलों की भारत में बढ़ती संख्या पर भी अपनी चिंता जाहिर की। विशेषज्ञों ने बताया कि मानव ह्रदय का आकार एक मुट्ठी के बराबर होता है। यह 70 साल की उम्र तक करीब 2.5 अरब से अधिक बार धड़कता है। हालांकि यह अपने आप में बीमारियों का मुकाबला करने में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.