नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- आजकल सुबह उठते ही खिड़की से बाहर झांकने पर हवा में धुंधलापन या 'कोहरे' की परत छाई हुई रहती है। जो कि कोई मौसमी घटना नहीं बल्कि जहरीले धुएं (टॉक्सिक स्मॉग) की एक चादर होती है। जिसका असर व्यक्ति के शरीर खासकर दिल पर पड़ता है। आज अपनी इस खबर में भारतीय स्पाइनल इंजरीज सेंटर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. असीम ढल से जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर प्री-डॉन के घंटों में दिल के दौरे और अन्य कार्डियक इमरजेंसी (हृदय संबंधी आपात स्थितियों) में वृद्धि क्यों होती है।सुबह का सबसे खराब समय सुबह के सबसे खराब समय के बारे में जानने के लिए आपको सबसे पहले दो घटकों के बारे में अच्छे से समझना होगा। पहली, जो शरीर के बाहर हो रहा है, और दूसरा जो हमारे शरीर के अंदर हो रहा है।बाहरी कारण- धुंआ (स्मॉग) सुबह का धुंआ अक्सर सबसे गाढ़ा होता है।...