नई दिल्ली, जनवरी 24 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। हरियाणा के पलवल जिले में वर्ष 2021 में हुए सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर की रीढ़ की हड्डी टूटने से वह पूरी तरह दिव्यांग हो गया और उसकी जिंदगी व्हीलचेयर तक सिमट गई। साकेत जिला स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि ग्रामीण सड़क पर पैदल चलना लापरवाही नहीं माना जा सकता और चालक की जिम्मेदारी कहीं अधिक होती है। कोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि पीड़ित तरुण कुमार को 52.59 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। पीठासीन अधिकारी अंजनी महाजन ने अपने फैसले में कहा कि हादसा सुबह करीब 11:30 बजे हुआ, इसलिए दृश्यता का बहाना उचित नहीं है। चालक को दूर से पैदल चल रहे युवकों को देख लेना चाहिए था और वाहन पर नियंत्रण रखना उसका कर्तव्य था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 सि...
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