अमरोहा, दिसम्बर 5 -- अमरोहा हाईवे पर काल के एक क्रूर आघात ने चार होनहार मेडिकल छात्रों को छीन लिया, लेकिन उनके साथ सिर्फ चार जानें नहीं गईं, बल्कि उजड़ गए चार ऐसे घर, जहां अब सिर्फ अंतहीन मातम, टीस और अधूरापन बचा है। ये चारों छात्र अपने-अपने परिवारों के इकलौते चिराग थे, जिनकी असमय मौत ने मां-बाप के सीने में ऐसा नासूर दे दिया है, जिसकी पीड़ा शायद ताउम्र बनी रहेगी। उनकी मौत ने पिता की वर्षों की तपस्या, माँ के सपने और बहन के दुलार को एक झटके में ध्वस्त कर दिया। परिवारों को जो गहरा सदमा लगा है, उससे उबर पाना उनके लिए असंभव सा प्रतीत हो रहा है। दिल्ली पुलिसकर्मी का टूटा बुढ़ापे का सहारा मृतक आयुष शर्मा दिल्ली के द्वारिका निवासी महेश शर्मा के इकलौते बेटे थे। पिता महेश शर्मा दिल्ली पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं। आयुष के जल्दी ही अपने पैरों ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.