समस्तीपुर, जनवरी 16 -- जिले में युवाओं के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई बनती जा रही है। डिग्रीधारी युवाओं की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और अनुभव के अभाव में उन्हें रोजगार मिलना मुश्किल होता जा रहा है। युवाओं का कहना है कि आज कंपनियां केवल शैक्षणिक डिग्री नहीं, बल्कि रेडी टू वर्क स्किल्स, व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव की मांग कर रही हैं। दुर्भाग्य से हमारी शिक्षा व्यवस्था इस दिशा में कमजोर साबित हो रही है। देश के अधिकांश डिग्री कोर्स उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने में असफल हैं। परिणामस्वरूप छात्र इंजीनियरिंग, बीकॉम, बीए, एमए जैसी डिग्रियां तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन जब नौकरी की बात आती है तो वे खुद को व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार नह...