हजारीबाग, जनवरी 9 -- हजारीबाग में 33 प्रतिशत के आसापास वन है। यह हाथियों के लिए बड़ा कॉरिडोर है। इस इलाके में हाथियों का अक्सर विचरण होता रहता है। जिले में पिछले तीन दशकों में हाथी-मानव पर लगातार हमला कर रहे हैं। सूचना का अधिकार के तहत मिले जवाब में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, 2017 से पिछले छह वर्षों में देशभर में हाथी-मानव संघर्ष में 486 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 133 मौतें केवल पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज की गईं। जबकि एक पखवारे में 14 लोगों की जान चली गयी है। जंगल से सटे सैकड़ों गांवों में लोग लगातार हाथियों के भय में जी रहे हैं। हर साल जानमाल की क्षति, कच्चे घरों की तोड़फोड़ और फसलों के नुकसान की घटनाएं सामने आती हैं। हाल ही में सदर प्रखंड के चुटियारो गांव...