प्रयागराज, अगस्त 8 -- बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कर्मचारियों को बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत हाजिरी दर्ज कराने में इंटरनेट संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है तो वे व्यक्तिगत तौर पर संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या ड्यूटी करने का साक्ष्य दे सकते हैं। सत्यनारायण उपाध्याय नाम के एक व्यक्ति और नौ अन्य द्वारा दायर रिट याचिका निस्तारित करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा, याचिकाकर्ताओं की शिकायत अस्पष्ट होने के कारण टिकने योग्य नहीं है क्योंकि इन्होंने जून, 2025 के दौरान प्रतिवादियों से कभी संपर्क कर यह नहीं बताया कि इंटरनेट की समस्या के चलते वे बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं लगा सके। अदालत ने कहा, यदि याचिकाकर्ता यह दर्शाने में समर्थ होते हैं कि उन्होंने जून, 2025 में का...
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