गोरखपुर, दिसम्बर 26 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता हाईस्पीड ट्रेन चलाने के लिए चालकों को एक साइको (मनोवैज्ञानिक) टेस्ट पास करना होगा। एनईआर के तीनों मंडलों से 10-10 लोको पायलट का चयन चेन्नई में होने वाले टेस्ट के लिए किया गया है। ये सभी चालक जल्द ही अलग-अलग बैच में चेन्नई के लिए रवाना होंगे। दरअसल, एनईआर के छपरा-बाराबंकी मेन रूट को 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार के लायक बनाया जा रहा है। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का काम तेजी से चल रहा है। जहां कर्व है उसे भी ठीक कराया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि जून 2025 तक काम पूरा हो जाएगा। इसी को देखते हुए चालकों को साइको टेस्ट के लिए चुना गया है। चयन के समय भी होता है साइको टेस्ट आरआरबी द्वारा सहायक लोको पायलट के पदों पर भर्ती के समय लिखत परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का साइको टेस्ट कराया जाता है।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.