गढ़वा, दिसम्बर 19 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। राज्य गठन के 25 साल बाद भी सरकारें स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं कर सकी। उसका खमियाजा स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों को भुगतना पड़ता है। जिलांतर्गत हाईस्कूलों में शिक्षकों के कुल सृजित पदों में से आधे से अधिक पदों का रिक्त होना शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। यह समस्या केवल प्रशासनिक विफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव छात्रों के शैक्षणिक विकास, भविष्य और देश की मानव संसाधन क्षमता पर पड़ रहा है। शिक्षक किसी भी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। जब विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षक उपलब्ध नहीं होते, तो पढ़ाई की गुणवत्ता स्वतः गिरने लगती है। कई विद्यालयों में एक ही शिक्षक को अनेक विषय पढ़ाने पड़ते हैं। उसके कारण न तो वह विषयों को गह...
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