कन्नौज, नवम्बर 7 -- कन्नौज। कानपुर एनएच-91ए, राजमार्ग-34, तिर्वा रोड और छिबरामऊ मार्ग पर हर दिन सैकड़ों वाहन चालकों को मवेशियों के झुंड के बीच से गुजरना पड़ता है। सड़क पर बैठे अन्ना खासकर रात के समय, मौत का कारण बन जाते हैं। केवल पिछले कुछ महीनों में ही जिले में 18 से अधिक सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए और एक की जान चली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर लाइटिंग और रिफ्लेक्टर बोर्डों की भारी कमी है, जिससे रात में खतरा और बढ़ जाता है। नगर निकायों के पास न तो कैटल कैचर वाहन हैं और न ही प्रशिक्षित टीमें। यही वजह है कि सड़कों से मवेशियों को हटाना लगभग नामुमकिन हो गया है। कई बार ट्रक और बस चालक मवेशियों से बचने के चक्कर में वाहन अनियंत्रित कर बैठते हैं, जिससे बड़े हादसे हो जाते हैं। गांवों के पास के रास्तों पर त...
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