नई दिल्ली, जनवरी 12 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में अस्पतालों के बाहर ठंड की रातों में मरीजों और उनके तीमारदारों की दयनीय स्थिति पर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने 11 जनवरी की एक समाचार रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए कहा कि रैन बसेरों की कमी और अपर्याप्त सुविधाओं के कारण लोग ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीठ ने इस जनहित मुद्दे को खुद से याचिका के रूप में रजिस्टर करने का आदेश दिया और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय समेत मुख्य मंत्रालयों को प्रतिवादी बनाया। न्यायालय ने दिल्ली सरकार के साथ मिलकर राजधानी के रैन बसेरों पर नियंत्रण रखने का निर्देश भी दिया। पीठ ने यह आदेश ...