रांची, दिसम्बर 2 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को पुलिस हिरासत या पुलिस ट्रांजिट के दौरान होने वाली मौतों के सभी मामलों का पूरा ब्योरा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि गृह विभाग के प्रधान सचिव द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र में केवल जेल या न्यायिक हिरासत में होने वाली मौतों का ही डेटा शामिल है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत या पुलिस ट्रांजिट में हुईं मौतों के मामले इस शपथ पत्र में शामिल नहीं थे, जबकि पिछले आदेश में सभी प्रकार की हिरासत में मौतों का ब्योरा मांगा गया था। अदालत ने सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में दी गई जानकारी पर असंतोष जताया है। अदालत ने गृह विभाग के प्रधान सचिव को व्यक्तिगत रूप से तीन सप्ताह शपथपत्र दाखिल करने क...