गिरडीह, सितम्बर 18 -- खोरीमहुआ, प्रतिनिधि झारखंड उच्च न्यायालय ने गिरिडीह जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सख्त रुख अपनाते हुए एक दवा दुकानदार की दुकान तोड़े जाने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रशासनिक कार्रवाई को पूरी तरह अवैध और भेदभावपूर्ण मानते हुए दुकानदार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। क्या है मामला खोरीमहुआ अनुमण्डल अंतर्गत जमुआ प्रखण्ड क्षेत्र के झारखण्डधाम में मनमानी तरीके से पूर्णतः भेदभाव करते हुए 14 एकड़ 20 डिसमिल के अंदर सार्वजानिक भूमि पर बने लगभग 200 दुकानों में से एक दुकान को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया गया था। अनिल वर्मा की मेडिकल दुकान को अप्रैल 2024 में अंचल अधिकारी के आदेश पर यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया गया कि दुकान सार्वजनिक भूमि पर बनी है। दुकानदार का आरोप था कि उसी इलाके में कई और दुकानें म...
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