घाटशिला, जनवरी 27 -- पोटका । प्रखंड के हल्दीपोखर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को श्री कृष्ण सुदामा झांकी,राधा कृष्ण की सुंदर जोड़ी और फूलो की होली आकर्षण का केंद्र रहा। अंतिम दिन पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन भी कथास्थल पहुंचे एवं भागवत कथा का श्रवण किया और कहा कि भागवत कथा सनातन धर्म का रक्षा कवच है। कथा श्रवण कर इसे आत्मसात करें। इससे आपका जीवन सरल,सुखमय और शांति से परिपूर्ण होगा। कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ल जी महाराज ने राजा परीक्षित की कथा पूरी करके सुखदेव महाराज की विदाई प्रसंग बताकर भागवत कथा को विराम दिया। अंतिम दिन का आयोजन भक्ति ,ज्ञान और आस्था की पराकाष्ठा का प्रतीक था। जिसमें कथावाचक द्वारा श्री कृष्ण के गृहस्थजीवन का वर्णन, सुदामा चरित्र, चौबीस गुरुओं की कथा, सुखदेव जी की विदाई, परीक्षित को मुक्ति के कथा का...
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