फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 7 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। मौसम का पारा नीचे खिसकने के बाद भी रैन बसेरों में सुविधायें व्यवस्थित नहीं हो सकी हैं। रैन बसेरों में यात्रियों को हल्की रजाइयों से ही काम चलाना पड़ता है। कंपकंपाने वाली सर्दी में यह रजाइयां मुसीबत बन जाती हैं। इसके साथ ही रैन बसेरों के आस पास जो अलाव के इंतजाम किए जाते हैं वह भी यात्रियों के लिए किसी काम के नहीं रहते । क्योंकि इसमें भी पर्याप्त मात्रा में लकड़ी का बंदोबस्त नहीं होता और कुछ समय में ही यह अलाव बंद हो जाते हैं। फतेहगढ़ में सरकारी स्तर पर एक शेल्टर होम संचालित है। इसमें 100 बेड की व्यवस्था है और 12 कमरे भी हैं। मगर यहां पर ठहरने वाले लोगों के लिए खाने पीने का कोई इंतजाम नहीं रहता। आधार कार्ड के माध्यम से शेल्टर होम में इंट्री दी जाती है। मंगलवार को जब शेल्टर होम की पड़ताल की ग...