अमरोहा, अगस्त 13 -- हर साल की कवायद के बाद भी गंगा के पानी से खादर क्षेत्र डूब जाता है। ग्रामीणों को बाढ़ के हालात का सामना करना पड़ता है। साल में तीन माह उनके लिए चुनौती पूर्ण रहते हैं। बावजूद इसके बेबस ग्रामीण कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। आजादी के पहले से ही बनी गांवों की इस समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो सका है। जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। खादर क्षेत्र के जाटोवाली, टीको वाली, शीशोवाली, दारानगर समेत 12 से अधिक गांव जुलाई से सितंबर माह तक जलभराव का दंश झेलते हैं। इस बार भी जलस्तर ने बीते वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। गंगा के उफान ने इस बार सिर्फ खेत ही नहीं बल्कि ग्रामीणों की उम्मीदें और मेहनत भी बहा दी। गांवों की सड़कों पर गंगा का पानी बह रहा है। ग्रामीण अपने गांवों के सामने...