रामपुर, जनवरी 10 -- कोई हत्या में जुर्म में अपनी पत्नी के साथ सजा काट रहा है तो कोई मां अपने बेटे के साथ जेल में हैं। दोनों अलग-अलग जेलों में रहने के दौरान पास होकर भी दूर हैं। ऐसे बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने सार्थक पहल की है। इसके तहत हर शनिवार को ऐसे दंपतियों व रिश्तेदारों की आपस में मुलाकात कराई जाती है। इस दौरान जहां आंसू बहते हैं तो वहीं प्यार भी उमड़ता है। जिला कारागार में वर्तमान में करीब 950 बंदी-कैदी हैं। जिसमें कई अपराध ऐसे होते हैं, जिनमें भाई-भाई, पिता-पुत्र, मां-बेटे, पति-पत्नी शामिल होते हैं। पुरुष बंदी तो रोजाना गिनती व खाना आदि बांटने के दौरान एक-दूसरे को देख लेते थे। मौका मिलते ही बात भी कर लेते हैं। लेकिन, महिलाओं की जेल अलग होने के चलते उनकी मुलाकात नहीं हो पाती। इसके तहत जेल प्रशासन ने शनिवार का दिन तय किया है। ऐसे मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.