लखनऊ, जून 4 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता जो बच्चा बोल नहीं सकता, सुन नहीं सकता या सामान्य बच्चों की तरह पढ़ने में कठिनाई महसूस करता है। क्या उसे वही प्यार, अधिकार व अवसर मिल पाते हैं जो बाकी बच्चों को भी मिलते हैं। अब इसी सवाल का जवाब तलाशने को विशिष्ट आवश्यकता वालों बच्चों के लिए एक ऐसा अभियान शुरू किया है, जो सिर्फ नीति की बात नहीं करता बल्कि दिलों को छूने का भी प्रयास कर रहा है। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में हर बच्चा खास है पोस्टर अभियान चलाया जा रहा है। जिसका मकसद दिव्यांग बच्चों को उनके साथियों के साथ समान वातावरण में पढ़ाने का लक्ष्य है। उप्र बेसिक शिक्षा विभाग की देखरेख में 15.92 लाख पोस्टर तैयार किए गए हैं। जिसके माध्यम से एक राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जिसमें दिव्यांग बच्चों के अधिकारों, आवश्यकताओ...
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