मिर्जापुर, नवम्बर 27 -- जिगना। हर घर नल जल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से क्षेत्र की पहाड़ी कामापुर कला ग्रामसभा की लगभग डेढ़ सौ आबादी वाले सेतुहार जठ्ठहवां मजरे के कोल-आदिवासी बस्ती के लोग अगहन माह में ही नदी-नाले के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। कारण यह है कि बस्ती में लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं। वहीं, पास में स्थित परिषदीय स्कूल का सबमर्सिबल ही बस्ती के लोगों का एकमात्र गला तर करने का सहारा है। ऐसे में बच्चों के पानी पीने के लिए सबमर्सिबल के चलते ही बस्ती की महिलाएं, बच्चियां भी बाल्टी और ड्रम लेकर पानी भरने के लिए दौड़ पड़ती हैं, लेकिन साप्ताहिक छुट्टी समेत अन्य दिनों में स्कूल के बंद होने पर उन्हें पहाड़ी नदी और नालों का पानी ही प्यास बुझाने के साथ ही नहाने और कपड़ा आदि धोने के काम आता है। पानी लेने के लिए बस्ती से पांच सौ मीटर...
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