कोलकाता, दिसम्बर 9 -- एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया सोनागाछी की सैकड़ों सेक्स वर्कर मंगलवार को निर्वाचन आयोग के सहायता शिविरों में पहुंचीं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण उनके चेहरों पर नाम कटने का डर साफ दिखा। कई महिलाओं के पास वंशावली प्रमाण नहीं है और दशकों पहले तस्करी या परित्यक्त होने से पैतृक परिवार से संपर्क टूट चुका है। एक 30 साल की महिला ने कहा कि हमसे उन माता-पिता के बारे में पूछा जा रहा है जिन्हें हमें भूलने को मजबूर किया गया था। अब डर है कि हमें फिर मिटा दिया जाएगा।क्या बोले चुनाव आयुक्त? पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने लोगों की आशंकाएं दूर करते हुए दुर्गा चरण मित्रा स्ट्रीट के पास लगे शिविर का दौरा किया और कहा कि इस वार्ड के लगभग 11000 मतदाताओं में से करीब 3500 सेक्स वर्कर अभ...
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