नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और चिह्नों का विशेष महत्व होता है। इनमें से एक प्रमुख चिह्न है चंद्रमा का आकार या अर्धचंद्र। यह चिह्न आमतौर पर चंद्र पर्वत यानी हथेली के निचले हिस्से में छोटी उंगली के नीचे का क्षेत्र पर बनता है। चंद्रमा कल्पना, भावनाएं, यात्रा और मन की शांति का प्रतीक है। हथेली पर चांद बनने से व्यक्ति के जीवन में सुख, यात्रा, कल्पना शक्ति और आध्यात्मिकता पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन यह चिह्न कहां और कैसे बना है, इस पर निर्भर करता है कि इसका प्रभाव शुभ होगा या अशुभ। हस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार, यह चिह्न दुर्लभ है और इसके कई अर्थ होते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं।चंद्र पर्वत पर चांद का चिह्न अगर हथेली के चंद्र पर्वत पर स्पष्ट अर्धचंद्र या चांद का चिह्न बना हो, तो यह बहुत शुभ माना जाता है। यह व्य...