मोहन भट्ट। हल्द्वानी, जुलाई 3 -- हथिनी मां की ममता से दूर हुए दो नन्हे हाथी अब इंसानी माहौल में पलकर उसी को अपना संसार मान बैठे हैं। दोनों को जंगल में लौटाने के छह प्रयास विफल हो चुके हैं। हथिनी मां की ममता भी उन्हें वापस जंगल में नहीं खींच पा रही है। वन विभाग से मिला 'राजा' और 'रुस्तम' नाम अब इनकी पहचान बन चुका है। इस साल जनवरी में हल्द्वानी की पीपल पड़ाव रेंज में वन विभाग की टीम को एक नन्हा हाथी घायल हालत में मिला। रेस्क्यू कर उसका इलाज शुरू हुआ। वनकर्मियों ने इसे 'राजा' नाम दिया। राजा अब स्वस्थ है। वहीं अप्रैल में बरहैनी रेंज से लगे बन्नाखेड़ा गांव से भी एक घायल नन्हा हाथी रेस्क्यू किया गया। इसे 'रुस्तम' नाम मिला और इलाज के बाद ये भी ठीक है। इनकी उम्र अब लगभग नौ से 10 माह हो गई है। दोनों का रेंज परिसर में स्थित संजय वन में डॉक्टरों की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.