चाईबासा, अगस्त 23 -- गुवा । अत्यंत नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। हतनाबुरू और मारागपोंगा गांव के बीच मुख्य ग्रामीण सड़क पर पहाड़ की मिट्टी धंसकर आ गिरी। यह वही सड़क है जो दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ती है और सारंडा के लोगों के जीवन की धड़कन मानी जाती है। पर अब वहां सिर्फ कीचड़, पत्थर और मलबा पसरा है। शनिवार को छोटानागरा में साप्ताहिक हाट बाजार लगता है। यह वही बाजार है जहां सारंडा के लोग अपने खेतों की सब्जियां, जंगल का महुआ, साल पत्ता, तसर और लकड़ी बेचकर चूल्हा जलाने के लिए पैसा जुटाते हैं। लेकिन सड़क बंद होते ही यह धंधा चौपट हो सकता है। एक किसान नाथु बहंदा ने रोष जताते हुए कहा हमारा पेट पर वार कर दिया यह वर्षा। जब रास्ता ही बंद, तो बाजार कैसे पहुचेंगें। सड़क ठप होने से बच्चे अब स्कूल नहीं पहुंच...
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