गिरडीह, नवम्बर 17 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। भगवान पार्श्वनाथ के जयकारे से सम्मेदशिखर पारसनाथ गुंजायमान हो उठा। लगभग 27 किलामीटर की पैदल व बाइक से यात्रा से स्वर्णभद्र टोंक पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन वंदन किया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भावना के साथ निर्वाण भूमि पारसनाथ पर्वत का वंदना किया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहाड़ की परिक्रमा भी की। बताया जाता है कि जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों की निर्वाणभूमि सिद्धक्षेत्र सम्मेदशिखर पारसनाथ भगवान पार्श्वनाथ के जयकार से गूंज उठा। श्रद्धा भक्ति के साथ जैन अनुआईयों ने पहाड़ की कठिन चढ़ाई पूरी कर स्वर्णभद्र टोंक का दर्शन वंदन किया। कुछ श्रद्धालुओं ने पहाड़ की पैदल वंदना की तो कुछ बाइक की सवारी कर पारसनाथ टोंक पहुंचे थे। वहीं सैकड़ों श्रद्धालु 54 किलोमीटर की पैदल पहाड़ परिक्रमा कर मो...