चतरा, फरवरी 8 -- लावालौंग प्रतिनिधि थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती ने गंभीर और चिंताजनक रूप ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे थाना क्षेत्र के अंतर्गत सभी पंचायतों के विभिन्न गांवों की वन भूमि पर आज भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती लहलहा रही है। हजारों एकड़ वन भूमि पर यह अवैध खेती की गई है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लोग दबी जुबान में लावालौंग को "मिनी अफगानिस्तान" कहने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार अफीम की खेती मुख्य रूप से दुर्गम पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों में की जा रही है, जहां पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकतर खेती वन भूमि पर ही किए जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोग दबी आवाज में वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब कहीं थोड़ी-सी...
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