हजारीबाग, जनवरी 2 -- वार्ड संख्या 32 भले ही कुछ वर्ष पहले नगर निगम का हिस्सा बना हो, लेकिन इसकी पहचान आज भी शहरी और ग्रामीण जीवन के बीच झूलती नजर आती है। बाहर से पक्के मकान और बढ़ती आबादी शहरी विस्तार की तस्वीर पेश करते हैं, वहीं अंदरुनी गलियों में कदम रखते ही ग्रामीण जीवनशैली, रोजमर्रा की गतिविधियां और बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ झलकने लगती है। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम के दौरान वार्डवासियों ने अपनी समस्याओं को बेबाकी से रखते हुए निगम प्रशासन से ठोस समाधान करने की मांग की। हजारीबाग। नगर निगम क्षेत्र का यह वार्ड अपनी भौगोलिक सीमाओं के बावजूद आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। इस वार्ड की पूर्वी सीमा हजारीबाग-बड़कागांव रोड से निर्धारित होती है, जबकि पश्चिमी सीमा सिमरिया-बगोदर रोड से लगती है। दक्षिण दिशा में गोंदा नदी...