बुलंदशहर, दिसम्बर 10 -- हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक अल्हाज बाबा सैयद फ़रीदुद्दीन शाह मिस्कीनी ताजी साबरी का एक दिवसीय चौथा वार्षिक उर्स श्रद्धा एवं शांति पूर्वक कुल शरीफ कि रस्म के साथ संपन्न हुआ। उर्स में विभिन्न अंचलों से आये अनुयाई व अक़ीदतमंदों ने बाबा फ़रीद शाह मिस्कीनी के मज़ार पर चादरें और पुष्प भेंट कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उर्स के मुख्य आकर्षण में विभिन्न क़व्वालों ने सूफ़ियाना कलाम पेश कर अक़ीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बुधवार को प्रातः क़ुरान ख़्वानी से उर्स का आगाज़ हुआ। शाम को फातेहा के बाद संदल व चादर के साथ अक़ीदतमंदो का जत्था सज्जादानशीन सैयद शाह हुसैन मिस्कीनी ताजी के नेतृत्त्व में लदरगाह हाजी बाबा मिस्कीन शाह रहम तुल्लाह अलैह पहुंचा जहाँ सैयद शाह हुसैन मिस्कीनी , ख़लीफा व जाँनशीन सैयद सज्जाद शाह मिस्कीनी और बाबा ...