संभल, जुलाई 31 -- नगर पंचायत के मोहल्ला शर्की स्थित महमूद हसन उर्फ छोटे भाई के अजाखाने में गुरुवार को हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम की याद में पांचवीं और अंतिम मजलिस का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और गमगीन माहौल में मजलिस के बाद ताबूत का जुलूस निकाला गया। मजलिस की शुरुआत अली कबीर उर्फ अजमल और उनके साथियों द्वारा मर्सिया पढ़ने से हुई। इसके बाद मौलाना मेजर अली ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम सिर्फ 32 वर्ष की आयु में करबला के मैदान में शहीद हो गए थे। यज़ीदी फौज के सैनिकों ने घात लगाकर उनके दोनों बाजू काट दिए और सिर पर वार कर नहर-ए-फुरात के निकट उन्हें शहीद कर दिया। इसी शहादत की याद में यह ताबूत का जुलूस हर वर्ष निकाला जाता है। मजलिस के तुरंत बाद शबीह-ए-ताबूत हज़रत अब्बास अलैहिस्स...
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