अमरोहा, जनवरी 5 -- सैदनगली। नगर के इमामबारगाह पीर जी मुस्तकीम अली में शनिवार रात पहले इमाम हजरत अली अलैहिस्सलाम की यौमे विलादत पर नूरानी जश्न हुआ। आगाज गुलाम सैयदेन ने हदीसे किसा की तिलावत से किया। खुदा की हम्द व नाते रसूल डा. लईक हैदर ने पढ़ीं। नाते नबी के बाद फिरोज हैदर, सफदर अली, मुहम्मद हैदर, मिसाल अब्बास, जैद, जमा, शारिफ, यूसुफ, सुहैल अब्बास, फहीम हैदर, रियाजुल हसन, गुलाम हैदर, वली रिजवी, एजाज मुर्तजा, शबीह हैदर आदि ने मौला अली की शान में कलाम पढ़े। मौलना हाजी कम्बर अली ने तकरीर में कहा कि अल्लाह के वली, रसूल के दामाद, जानशीन,मददगार, कायनात के मौला व पहले इमाम हजरत अली अलैहिस्सलाम की विलादत 13 रजब को काबे के अंदर हुई थी। मौलाना ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ कराकर जश्न का समापन किया। इस मौके पर खासी तादाद में शिया समुदाय के लोग मौ...