फतेहपुर, जनवरी 7 -- फतेहपुर। आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट फिक्रमंद है नित नए आदेश जारी हो रहे हैं, लेकिन फिर भी सड़क से दफ्तरों तक आवारा कुत्तों की धमाचौकड़ी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। किसी को कुत्ते दौड़ा रहे हैं तो कोई खून से लथपथ अस्पताल की चौखट पर है। एंटी रैबिज इंजेक्शन के लिए घायलों की भीड़ है, बावजूद गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन फिक्रमंद नहीं है। एक ही बात की रट लगाई जा रही है कि शासन से आदेश प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। रेलवे स्टेशन हो या फिर रोडवेज बसस्टाप या फिर प्राइवेट बस अड्डा हर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवारा कुत्तों का आतंक रहता है। आलम यह है कि यात्रियों का बड़ी संख्या में होने वाले आवागमन के बावजूद यहां पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नहीं दिखाई देते हैं जिससे आए दिन आवारा कुत्ते किसी ने किसी को शिकार...