मधेपुरा, अक्टूबर 30 -- आलमनगर, एक संवाददाता। मधेपुरा-खगड़िया-भागलपुर सीमा से गुजरी कोसी नदी के कटाव से विस्थापित परिवार आज भी स्थायी ठौर की आस लगाए हैं। प्रखंड के दियारा क्षेत्र में 156 परिवारों का घर और जमीन कटाव से कोसी नदी में समा गया। ऐसे में कटाव प्रभावित परिवार सड़क किनारे झोपड़ी बना कर रहने को विवश है। पिछले ढाई दशक से दियारा क्षेत्र के विस्थापित गांव पूरबी छतौना के लोगों की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि उन्हें हर साल बाढ़ की तबाही झेलनी पड़ती है। बाढ़ आने पर गांव के बीमार लोग और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। बाढ़ के दिनों में इस क्षेत्र के बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव के अलावा दूसरा विकल्प नहीं होता है। रात के समय किसी के बीमार होने पर घर और गांव से बाहर निकलना संभव नहीं हो पता है। विस्थापित प...
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