मधुबनी, फरवरी 20 -- मधुबनी। मधुबनी शहरी क्षेत्र में कोई स्थायी मछली बाजार नहीं है। अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 400 से अधिक लोग मछली की दुकान चलाते हैं, लेकिन सभी दुकानें शहर की सड़कों के किनारे सजती हैं। खुले में दुकानें होने से विक्रेताओं के साथ ग्राहकों को भी दिक्कत होती है। जाम व अतिक्रमण के नाम पर पुलिस जब चाहे, इन्हें हटा देती है। मछली दुकानदारों का दर्द है कि उन्हें न कोई सरकारी सहायता मिलती है और न ही साधन-संसाधन के लिए बड़ी पूंजी। दुकानदारों ने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी उनलोगों को नहीं मिल पाता है और न ही विभाग इस बारे में कोई जानकारी देता है। लोगों का कहना है कि शहर में स्थायी जगह के साथ पूंजी व प्रशिक्षण मिले तो उनकी किस्मत भी संवर सकती है। अभी शहर के गदयानी मोहल्ला, कोतवाली चौक, भौआरा चौक, गिलेशन बाजार व अन्य स्थानों प...
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