जमुई, जुलाई 7 -- झाझा, निज संवाददाता मुहर्रम को ले निकलीं अखाड़ेबाजों की टोलियां देर रात तक सड़कों पर ही काबिज थीं। झाझा शहरी इलाके की सड़कों पर देर रात तक कहीं पैकरों की तो कहीं अखाड़ेबाजों की टोलियां अपने हुनर का जौहर दिखाती व करतबों की नुमाइश करती नजर आईं। अखाड़े में युवा व किशोरों के साथ-साथ अखाड़ेबाजी का जलवा दिखाने में उम्रदराज बुजुर्ग तक भी कहीं कम नजर नहीं आ रहे थे। कहने की जरूरत नहीं कि लाठी भांजने के मामले में कई बुजुर्गों की भी पुरानी हड्डियों का जोश उफान मारता दिख रहा था। उन्होंने भी करतबों की नुमाइश करते हुए अपने हुनर का जमकर जौहर दिखाया। अखाड़ेबाजी का यह सिलसिला पूरी रात चलते हुए पौ फटने तक बदस्तूर जारी दिखा। बता दें कि जुल्मियों से जंग के अच्छाई और सच्चाई वाला पर्व मुहर्रम झाझा में भी पूरी पाकीजगी तथा जज्बे व जुनून के आलम में शांत...
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